म्यूचुअल फंड से मंथली कमाई कैसे करें | पूरी जानकारी 2025

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परिचय

आज के समय में हर व्यक्ति एक स्थिर और नियमित आय का स्रोत चाहता है। खासकर जब बात रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी या अतिरिक्त आमदनी की हो, तो म्यूचुअल फंड एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि म्यूचुअल फंड सिर्फ लंबी अवधि के निवेश के लिए होते हैं, लेकिन सच यह है कि आप इनसे हर महीने नियमित कमाई भी पा सकते हैं।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे म्यूचुअल फंड के माध्यम से मासिक आय प्राप्त की जा सकती है, कौन से फंड सबसे उपयुक्त हैं, और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

म्यूचुअल फंड क्या होता है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि म्यूचुअल फंड क्या होता है। म्यूचुअल फंड एक ऐसी निवेश योजना है जिसमें बहुत से लोग अपना पैसा एक साथ जमा करते हैं। इस पैसे को पेशेवर फंड मैनेजर संभालते हैं और इसे शेयर बाजार, बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियों और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करते हैं।

जब यह निवेश मुनाफा कमाता है, तो वह लाभ सभी निवेशकों में उनके निवेश के अनुपात में बांट दिया जाता है। यह एक सुरक्षित और आसान तरीका है क्योंकि आपको खुद शेयर बाजार की बारीकियां समझने की जरूरत नहीं होती।

म्यूचुअल फंड से मंथली कमाई के तरीके

म्यूचुअल फंड से हर महीने आय प्राप्त करने के मुख्य रूप से तीन तरीके हैं:

1. सिस्टमेटिक विड्रॉल प्लान (SWP)

सिस्टमेटिक विड्रॉल प्लान यानी व्यवस्थित निकासी योजना, मासिक आय पाने का सबसे लोकप्रिय और प्रभावी तरीका है। इसमें आप अपने म्यूचुअल फंड से हर महीने एक निश्चित रकम निकाल सकते हैं।

SWP कैसे काम करता है:

मान लीजिए आपने 10 लाख रुपये किसी म्यूचुअल फंड में निवेश किए हैं। अब आप चाहते हैं कि हर महीने आपको 10,000 रुपये मिलें। आप SWP शुरू कर सकते हैं जिसमें हर महीने स्वचालित रूप से 10,000 रुपये की यूनिट्स बेच दी जाएंगी और पैसा आपके बैंक खाते में आ जाएगा।

SWP के फायदे:

  • हर महीने नियमित आय मिलती है
  • आप खुद तय करते हैं कि कितनी रकम चाहिए
  • बाकी बची रकम निवेशित रहती है और बढ़ती रहती है
  • टैक्स के मामले में फायदेमंद हो सकता है

उदाहरण: रमेश जी ने 50 साल की उम्र में 20 लाख रुपये एक बैलेंस्ड म्यूचुअल फंड में लगाए। उन्होंने SWP शुरू करके हर महीने 15,000 रुपये निकालने का विकल्प चुना। अगर फंड औसतन 10% सालाना रिटर्न दे रहा है, तो उनका निवेश भी बढ़ता रहेगा और मासिक आय भी मिलती रहेगी।

2. डिविडेंड ऑप्शन वाले फंड

कुछ म्यूचुअल फंड डिविडेंड का विकल्प देते हैं। इसमें फंड जब मुनाफा कमाता है तो समय-समय पर निवेशकों को डिविडेंड के रूप में पैसा देता है। हालांकि यह पूरी तरह नियमित नहीं होता और फंड की परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है।

डिविडेंड ऑप्शन की विशेषताएं:

  • फंड हाउस जब चाहे डिविडेंड दे सकता है
  • रकम हर बार अलग-अलग हो सकती है
  • कुछ फंड मासिक डिविडेंड देते हैं, कुछ तिमाही या सालाना
  • यह गारंटीड आय नहीं है

नोट: वर्तमान में टैक्स नियमों के अनुसार, डिविडेंड को निवेशक की आय में जोड़ा जाता है और उनके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।

3. मल्टिपल फंड स्ट्रैटेजी

इसमें आप अलग-अलग तारीखों पर अलग-अलग फंड से SWP शुरू करते हैं। मान लीजिए आपने 4 फंड में निवेश किया है। हर फंड से आप महीने की अलग-अलग तारीख पर पैसा निकालते हैं – 7 तारीख, 14 तारीख, 21 तारीख और 28 तारीख को। इससे महीने भर में नियमित अंतराल पर आय मिलती रहती है।

म्यूचुअल फंड से मंथली कमाई के लिए कौन से फंड चुनें?

मासिक आय के लिए सही फंड का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। यहां कुछ प्रकार के फंड हैं जो इस उद्देश्य के लिए उपयुक्त हो सकते हैं:

1. डेट फंड (ऋण फंड)

डेट फंड मुख्य रूप से सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं। ये इक्विटी फंड की तुलना में कम जोखिम वाले होते हैं और स्थिर रिटर्न देते हैं।

डेट फंड के प्रकार:

  • लिक्विड फंड: बहुत कम अवधि के लिए, बैंक एफडी से थोड़ा बेहतर रिटर्न
  • शॉर्ट ड्यूरेशन फंड: 1-3 साल की अवधि के लिए उपयुक्त
  • कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड: अच्छी क्वालिटी की कंपनियों के बॉन्ड में निवेश
  • गिल्ट फंड: सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश, सबसे सुरक्षित

उदाहरण: सुनीता जी रिटायर हो चुकी हैं और उन्हें कम जोखिम वाली मासिक आय चाहिए। उन्होंने अपने 15 लाख रुपये एक शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड में लगाए और SWP के माध्यम से हर महीने 12,000 रुपये निकालती हैं। फंड 6-7% सालाना रिटर्न देता है, जो उनकी जरूरतों के लिए पर्याप्त है।

2. हाइब्रिड या बैलेंस्ड फंड

ये फंड इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करते हैं। इससे जोखिम और रिटर्न दोनों का संतुलन बना रहता है। अगर आप थोड़ा ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और मध्यम जोखिम ले सकते हैं, तो ये फंड अच्छे विकल्प हैं।

हाइब्रिड फंड के प्रकार:

  • कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड: 75-90% डेट में, 10-25% इक्विटी में
  • बैलेंस्ड एडवांटेज फंड: बाजार की स्थिति के अनुसार इक्विटी-डेट का अनुपात बदलते रहते हैं
  • एग्रेसिव हाइब्रिड फंड: 65-80% इक्विटी में, बाकी डेट में

3. मंथली इनकम प्लान (MIP)

हालांकि नाम में “मंथली इनकम” है, लेकिन ये फंड गारंटीड मासिक आय नहीं देते। ये मुख्य रूप से डेट में निवेश करते हैं और थोड़ा हिस्सा इक्विटी में भी लगाते हैं। आप इनमें SWP के जरिए नियमित आय ले सकते हैं।

4. आर्बिट्राज फंड

ये फंड शेयर बाजार के अलग-अलग सेगमेंट में मूल्य अंतर का फायदा उठाते हैं। ये डेट फंड से थोड़े बेहतर रिटर्न दे सकते हैं और टैक्स के मामले में भी फायदेमंद होते हैं क्योंकि इन्हें इक्विटी फंड माना जाता है।

कितना निवेश करना चाहिए?

यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है। आपको कितना निवेश करना चाहिए, यह कई बातों पर निर्भर करता है:

1. आपकी मासिक जरूरत

सबसे पहले तय करें कि आपको हर महीने कितने रुपये चाहिए। अपने खर्चों की सूची बनाएं:

  • घर का किराया या EMI
  • राशन और दैनिक जरूरतें
  • बिजली, पानी, फोन के बिल
  • बच्चों की शिक्षा
  • दवाइयां और स्वास्थ्य खर्च
  • मनोरंजन और अन्य खर्चे

2. अपेक्षित रिटर्न

अलग-अलग फंड अलग-अलग रिटर्न देते हैं। एक सामान्य अनुमान:

  • डेट फंड: 5-7% सालाना
  • कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड: 7-9% सालाना
  • बैलेंस्ड फंड: 9-12% सालाना
  • इक्विटी फंड: 12-15% सालाना (लेकिन जोखिम भी ज्यादा)

3. कैलकुलेशन का उदाहरण

मान लीजिए आपको हर महीने 25,000 रुपये चाहिए और आप बैलेंस्ड फंड में निवेश कर रहे हैं जो 10% सालाना रिटर्न देता है।

सरल गणना:

  • सालाना जरूरत = 25,000 × 12 = 3,00,000 रुपये
  • 10% रिटर्न के लिए जरूरी निवेश = 3,00,000 ÷ 0.10 = 30,00,000 रुपये

लेकिन ध्यान रखें कि SWP में आप केवल रिटर्न नहीं, बल्कि मूल पूंजी भी निकाल सकते हैं। इसलिए आप कम पूंजी से भी शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन फिर आपकी मूल पूंजी धीरे-धीरे कम होती जाएगी।

म्यूचुअल फंड से मासिक आय लेने की रणनीति

1. विविधीकरण (Diversification)

अपना सारा पैसा एक ही फंड में न लगाएं। अलग-अलग प्रकार के फंड में निवेश करें:

  • 40% डेट फंड में (सुरक्षा के लिए)
  • 40% हाइब्रिड फंड में (संतुलन के लिए)
  • 20% इक्विटी फंड में (वृद्धि के लिए)

यह अनुपात आपकी उम्र, जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्यों के अनुसार बदल सकता है।

2. इमरजेंसी फंड रखें

SWP शुरू करने से पहले 6-12 महीने के खर्च के बराबर रकम अलग से लिक्विड फंड या बैंक में रखें। यह इमरजेंसी फंड अचानक आने वाली जरूरतों के लिए काम आएगा।

3. रिबैलेंसिंग

साल में एक या दो बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें। अगर कोई फंड अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा, तो उसे बदलने पर विचार करें। लेकिन बार-बार बदलाव से बचें क्योंकि इससे टैक्स और एक्जिट लोड की समस्या हो सकती है।

4. महंगाई को ध्यान में रखें

हर साल महंगाई बढ़ती है। इसलिए अपनी SWP राशि को साल में एक बार 5-7% बढ़ाने की योजना बनाएं। उदाहरण: अगर आप अभी 20,000 रुपये महीना निकाल रहे हैं, तो अगले साल 21,000-21,400 रुपये निकालें।

5. लंबी अवधि की सोच

म्यूचुअल फंड से मासिक आय एक लंबी अवधि की रणनीति है। कम से कम 5-10 साल के लिए योजना बनाएं। बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, घबराकर फैसले न लें।

टैक्स की जानकारी

म्यूचुअल फंड से मासिक आय पर टैक्स के नियम समझना जरूरी है:

SWP पर टैक्स

जब आप SWP के जरिए पैसा निकालते हैं, तो वह म्यूचुअल फंड यूनिट्स की बिक्री माना जाता है। इस पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है:

इक्विटी फंड के लिए:

  • 1 साल से कम समय के निवेश पर: 20% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स
  • 1 साल से ज्यादा समय के निवेश पर: 1.25 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं, उसके बाद 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स

डेट फंड के लिए:

  • किसी भी अवधि के निवेश पर: आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स

डिविडेंड पर टैक्स

डिविडेंड को आपकी आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।

टैक्स बचाने के टिप्स

  • लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के लिए 1 साल से ज्यादा समय तक निवेश रखें
  • SWP में केवल उतना ही निकालें जितना जरूरी है
  • अलग-अलग वित्तीय वर्षों में निकासी की योजना बनाएं
  • टैक्स सलाहकार से परामर्श लें

म्यूचुअल फंड SWP शुरू कैसे करें?

स्टेप 1: KYC पूरा करें

सबसे पहले अपना KYC (Know Your Customer) पूरा करें। इसके लिए आपको पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और फोटो की जरूरत होगी। यह एक बार की प्रक्रिया है।

स्टेप 2: म्यूचुअल फंड चुनें

अपनी जरूरत, जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्यों के अनुसार उपयुक्त म्यूचुअल फंड चुनें। आप किसी वित्तीय सलाहकार की मदद भी ले सकते हैं।

स्टेप 3: निवेश करें

आप म्यूचुअल फंड में दो तरीके से निवेश कर सकते हैं:

  • लम्पसम: एक बार में पूरी रकम निवेश करें
  • SIP: हर महीने छोटी-छोटी रकम निवेश करें

मासिक आय के लिए आमतौर पर लम्पसम निवेश बेहतर होता है।

स्टेप 4: SWP रजिस्टर करें

निवेश करने के बाद, आप SWP के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए:

  • अपने फंड हाउस की वेबसाइट या ऐप पर जाएं
  • SWP विकल्प चुनें
  • निकासी की रकम, तारीख और आवृत्ति (मासिक/त्रैमासिक) तय करें
  • बैंक खाता डिटेल्स दें जहां पैसा आना है

स्टेप 5: मॉनिटर करें

नियमित रूप से अपने निवेश पर नजर रखें। अपने स्टेटमेंट चेक करें और देखें कि फंड कैसा प्रदर्शन कर रहा है।

आम गलतियां जिनसे बचें

1. ज्यादा रकम निकालना

अगर आप अपने फंड के रिटर्न से ज्यादा पैसा हर महीने निकाल रहे हैं, तो आपकी मूल पूंजी तेजी से खत्म हो जाएगी। उदाहरण: अगर फंड 8% रिटर्न दे रहा है और आप 12% सालाना निकाल रहे हैं, तो यह टिकाऊ नहीं है।

2. सिर्फ रिटर्न देखकर फंड चुनना

पिछले रिटर्न भविष्य की गारंटी नहीं हैं। फंड की कंसिस्टेंसी, फंड मैनेजर का अनुभव, एक्सपेंस रेशियो और रिस्क भी देखें।

3. बाजार के उतार-चढ़ाव में घबराना

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। अगर आपने अच्छे फंड चुने हैं और लंबी अवधि की योजना है, तो अस्थायी गिरावट से घबराएं नहीं।

4. इमरजेंसी फंड न रखना

अगर आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है और अचानक बड़े खर्च की जरूरत पड़ी, तो आपको अपने निवेश को गलत समय पर बेचना पड़ सकता है।

5. टैक्स की अनदेखी

टैक्स के नियम समझे बिना निवेश करना महंगा पड़ सकता है। हमेशा टैक्स के प्रभाव को ध्यान में रखकर योजना बनाएं।

वास्तविक जीवन के उदाहरण

केस स्टडी 1: रिटायरमेंट के लिए योजना

रवि कुमार, 58 साल

रवि जी को 2 साल बाद रिटायरमेंट मिलने वाली है। उनके पास 50 लाख रुपये की बचत है। उन्हें रिटायरमेंट के बाद हर महीने 40,000 रुपये की जरूरत होगी।

उनकी रणनीति:

  • 20 लाख रुपये डेट फंड में (सुरक्षा के लिए)
  • 20 लाख रुपये कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड में
  • 10 लाख रुपये बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में

उन्होंने तीनों फंड से SWP शुरू की – हर फंड से 13,333 रुपये महीना। कुल मिलाकर 40,000 रुपये। औसत 8% रिटर्न के साथ, यह योजना अगले 20-25 साल तक चल सकती है।

केस स्टडी 2: अतिरिक्त आय के लिए

प्रिया शर्मा, 35 साल

प्रिया एक नौकरीपेशा महिला हैं। उन्हें अपनी नौकरी की सैलरी के अलावा कुछ अतिरिक्त आय चाहिए। उनके पास 15 लाख रुपये हैं जो वे निवेश कर सकती हैं।

उनकी रणनीति:

  • 5 लाख रुपये शॉर्ट ड्यूरेशन डेट फंड में
  • 10 लाख रुपये एग्रेसिव हाइब्रिड फंड में

उन्होंने SWP शुरू करके हर महीने 12,000 रुपये निकालने का विकल्प चुना। क्योंकि वे युवा हैं और नौकरी भी करती हैं, इसलिए उन्होंने थोड़ा ज्यादा इक्विटी एक्सपोजर रखा है। 10-11% औसत रिटर्न के साथ, उनकी पूंजी भी बढ़ती रहेगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल

आज के समय में म्यूचुअल फंड में निवेश और SWP शुरू करना बहुत आसान हो गया है। कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स हैं:

1. डायरेक्ट प्लेटफॉर्म्स

  • फंड हाउस की अपनी वेबसाइट और ऐप
  • कोई कमीशन नहीं, इसलिए बेहतर रिटर्न
  • सीधा निवेश और प्रबंधन

2. एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स

  • एक जगह से कई फंड हाउस में निवेश कर सकते हैं
  • पोर्टफोलियो ट्रैकिंग आसान
  • कुछ चार्ज कर सकते हैं, जानकारी लें

3. बैंक और ब्रोकर

  • आपकी बैंक भी म्यूचुअल फंड सेवाएं देती है
  • सुविधाजनक लेकिन रेगुलर प्लान होने से रिटर्न कम
  • वित्तीय सलाहकार की मदद मिलती है

भविष्य की योजना

म्यूचुअल फंड से मासिक आय लेते समय भविष्य की योजना भी जरूरी है:

1. मुद्रास्फीति समायोजन

हर 2-3 साल में अपनी SWP राशि बढ़ाएं ताकि मुद्रास्फीति के प्रभाव से बचा जा सके।

2. मेडिकल खर्चों के लिए तैयारी

उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य खर्च बढ़ते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस जरूर रखें और अतिरिक्त मेडिकल फंड के लिए अलग से कुछ रकम लिक्विड फंड में रखें।

3. विरासत की योजना

अगर आप चाहते हैं कि आपके बाद आपके परिवार को कुछ मिले, तो अपनी निकासी दर को उसी हिसाब से तय करें। पूरी पूंजी खर्च न करें।

4. नॉमिनी जरूर जोड़ें

अपने सभी म्यूचुअल फंड निवेशों में नॉमिनी जरूर जोड़ें। इससे आपके बाद आपके परिवार को पैसा पाने में आसानी होगी।

निष्कर्ष

म्यूचुअल फंड से मंथली कमाई एक व्यावहारिक और प्रभावी तरीका है नियमित आय पाने का। चाहे आप रिटायर हो चुके हों, अतिरिक्त आय चाहते हों, या अपने भविष्य की योजना बना रहे हों – सही रणनीति के साथ यह बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

याद रखें:

  • सही फंड चुनना जरूरी है
  • अपनी जोखिम लेने की क्षमता समझें
  • विविधीकरण बनाए रखें
  • नियमित रूप से समीक्षा करें
  • लंबी अवधि की सोच रखें
  • टैक्स की जानकारी रखें

शुरुआत करने से पहले किसी अच्छे वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है और आपके लिए क्या सही है, यह आपकी व्यक्तिगत जरूरतों पर निर्भर करता है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या म्यूचुअल फंड से मासिक आय पाना सुरक्षित है?

म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें कुछ जोखिम जरूर होता है। लेकिन अगर आप सही तरह के फंड चुनते हैं तो यह काफी सुरक्षित हो सकता है। डेट फंड और कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड बैंक एफडी से थोड़े बेहतर रिटर्न देते हैं और ज्यादा जोखिम भरे नहीं होते। सुरक्षा के लिए अपने पैसे को अलग-अलग फंड में बांटें और केवल उतना ही निकालें जितना फंड का औसत रिटर्न है। उदाहरण के लिए, अगर आपका फंड 8% सालाना रिटर्न देता है, तो आप 6-7% सालाना निकाल सकते हैं ताकि आपकी मूल पूंजी भी बनी रहे।

2. कम से कम कितने रुपये से शुरुआत कर सकते हैं?

तकनीकी रूप से आप 5,000-10,000 रुपये से भी म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं। लेकिन मासिक आय के लिए आपको अच्छी-खासी रकम चाहिए। अगर आपको हर महीने 10,000 रुपये चाहिए और फंड 8% रिटर्न दे रहा है, तो आपको कम से कम 15-20 लाख रुपये निवेश करने होंगे। छोटी रकम से शुरुआत करने वालों के लिए सलाह है कि पहले SIP के जरिए कुछ साल तक पैसा जमा करें, फिर SWP शुरू करें। उदाहरण: राज 30 साल की उम्र में हर महीने 10,000 रुपये का SIP शुरू करता है। 15 साल बाद 45 साल की उम्र में उसके पास करीब 40-45 लाख रुपये हो जाएंगे, तब वह SWP शुरू कर सकता है।

3. SWP और बैंक FD में क्या बेहतर है मासिक आय के लिए?

दोनों के अपने फायदे हैं। बैंक FD में पूरी सुरक्षा मिलती है और हर महीने तय ब्याज आता है, लेकिन रिटर्न कम होता है (आजकल 6-7% सालाना)। SWP में थोड़ा जोखिम है लेकिन रिटर्न बेहतर हो सकता है (8-12%)। इसके अलावा SWP टैक्स के मामले में भी फायदेमंद है। अगर आप 60 साल से ऊपर हैं और पूरी सुरक्षा चाहते हैं, तो 60-70% FD में और 30-40% डेट फंड SWP में रख सकते हैं। अगर आप 50 साल के आसपास हैं, तो 50% म्यूचुअल फंड SWP और 50% FD एक अच्छा संतुलन है। उदाहरण: मोहन जी के पास 30 लाख हैं। उन्होंने 15 लाख FD में रखे (सुरक्षा के लिए) और 15 लाख म्यूचुअल फंड में (बेहतर रिटर्न के लिए)।

4. क्या SWP चालू रखते हुए और पैसा निवेश कर सकते हैं?

बिल्कुल! वास्तव में यह एक बहुत अच्छी रणनीति है। आप एक फंड से SWP के जरिए पैसा निकालते रहें और साथ ही दूसरे फंड में SIP के जरिए निवेश करते रहें। इससे आपकी पूंजी बढ़ती रहेगी और मासिक आय भी मिलती रहेगी। उदाहरण: सुरेश जी अपने डेट फंड से हर महीने 15,000 रुपये SWP से निकालते हैं। साथ ही वे एक इक्विटी फंड में हर महीने 5,000 रुपये का SIP भी करते हैं। इस तरह उनकी मासिक आय तो मिल ही रही है, साथ ही भविष्य के लिए इक्विटी में निवेश भी हो रहा है जो लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न देगा।

5. अगर फंड का प्रदर्शन खराब हो तो क्या करें?

यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। सबसे पहले घबराएं नहीं। बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। अगर आपके फंड का एक-दो महीने खराब प्रदर्शन है, तो कोई समस्या नहीं। लेकिन अगर लगातार 1-2 साल तक फंड अपनी श्रेणी के अन्य फंड से पिछड़ रहा है, तो बदलाव पर विचार करें। फंड बदलने से पहले ये बातें देखें: (1) फंड मैनेजर बदला है क्या, (2) फंड की रणनीति में बदलाव हुआ है क्या, (3) पूरी श्रेणी खराब प्रदर्शन कर रही है या सिर्फ आपका फंड। अगर बदलना जरूरी लगे, तो धीरे-धीरे बदलें – एक साथ पूरा पैसा न निकालें। उदाहरण: अनिता जी का एक हाइब्रिड फंड 2 साल से खराब चल रहा था। उन्होंने 6 महीने में चार किस्तों में पैसा निकाला और धीरे-धीरे एक बेहतर प्रदर्शन वाले फंड में लगा दिया। इससे बाजार की अस्थिरता का असर कम हुआ।

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