मार्केट गिरने पर कौन से शेयर खरीदें? 2026

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परिचय (Introduction)

मार्केट गिरने पर कौन से शेयर खरीदें? जब शेयर बाजार (Stock Market) गिरता है, तो अधिकतर लोग घबरा जाते हैं। वे अपने पैसे निकालने लगते हैं या फिर बिल्कुल कुछ नहीं करते। लेकिन जो समझदार निवेशक होते हैं, वे जानते हैं कि यही वह सुनहरा मौका है जब सही शेयर खरीदें और भविष्य में बड़ा मुनाफा कमाएं।

Warren Buffett ने एक बार कहा था — “जब दूसरे डरें, तब खरीदो।” यह बात आज भी उतनी ही सच है।

इस लेख में हम जानेंगे कि बाजार गिरने पर कौन से शेयर खरीदें, किन बातों का ध्यान रखें, और एक नए निवेशक (Beginner Investor) से लेकर अनुभवी निवेशक तक — सभी के लिए यह रणनीति कैसे काम करती है।


शेयर बाजार क्यों गिरता है?

बाजार गिरने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे —

  • आर्थिक मंदी (Recession) आने की आशंका
  • सरकार की नई नीतियाँ या बजट का असर
  • विदेशी निवेशकों (FII) का पैसा निकालना
  • महंगाई (Inflation) बढ़ना
  • किसी बड़े देश में युद्ध या राजनीतिक संकट
  • कंपनियों के खराब तिमाही नतीजे

जब यह सब होता है, तो लोग डर जाते हैं और शेयर बेचने लगते हैं। इसीलिए बाजार नीचे आता है। लेकिन यह गिरावट हमेशा के लिए नहीं होती। इतिहास गवाह है — बाजार हमेशा ऊपर उठता है।


गिरावट में शेयर खरीदना क्यों फायदेमंद है?

मान लीजिए एक अच्छी कंपनी का शेयर सामान्य दिनों में ₹500 पर मिलता है। लेकिन बाजार गिरने पर वही शेयर ₹350 पर आ जाता है। कंपनी वही है, उसका बिजनेस वही है — बस कीमत कम हो गई।

ऐसे में अगर आप उस शेयर को खरीदें, तो जब बाजार वापस ऊपर आएगा, आपको बड़ा फायदा होगा।

यही है “Buy the Dip” की रणनीति — यानी गिरावट में सही शेयर खरीदें और धैर्य रखें।


मार्केट गिरने पर कौन से शेयर खरीदें — मुख्य श्रेणियाँ

1. Blue Chip कंपनियों के शेयर खरीदें

Blue Chip कंपनियाँ वे होती हैं जो वर्षों से मजबूत हैं, जिनका व्यापार स्थिर है और जो हर मुश्किल दौर से उबरी हैं।

उदाहरण: Reliance Industries, TCS, HDFC Bank, Infosys, ITC

जब बाजार गिरे, तो सबसे पहले इन कंपनियों के शेयर खरीदें। ये कंपनियाँ लंबे समय में निवेशकों को हमेशा फायदा देती हैं।

क्यों खरीदें?

  • ये कंपनियाँ कर्ज में नहीं डूबतीं
  • हर साल लाभांश (Dividend) देती हैं
  • बड़े संस्थागत निवेशक इन्हें खरीदते हैं

2. FMCG सेक्टर के शेयर खरीदें

FMCG यानी Fast Moving Consumer Goods — जैसे साबुन, तेल, बिस्किट, चाय।

लोग चाहे बाजार गिरे या चढ़े — रोज़मर्रा की चीज़ें खरीदते ही हैं। इसीलिए इस सेक्टर की कंपनियाँ मंदी में भी मुनाफा कमाती हैं।

उदाहरण: HUL (Hindustan Unilever), Nestle India, Dabur, Marico, Britannia

गिरावट के समय इन कंपनियों के शेयर खरीदें — ये आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता देते हैं।


3. Pharma (दवा) सेक्टर के शेयर खरीदें

दवाइयाँ तो हर हाल में बिकती हैं। इसलिए Pharma सेक्टर को “Defensive Sector” कहते हैं।

उदाहरण: Sun Pharma, Dr. Reddy’s, Cipla, Divi’s Laboratories

जब पूरा बाजार गिर रहा हो, तब Pharma शेयर अपेक्षाकृत कम गिरते हैं। यही वजह है कि समझदार निवेशक गिरावट में इन्हें जरूर खरीदते हैं।


4. IT (Information Technology) सेक्टर के शेयर खरीदें

भारतीय IT कंपनियाँ विश्व स्तर पर सेवाएं देती हैं। इनकी आय डॉलर में होती है, इसलिए रुपये की कमजोरी में भी ये मुनाफे में रहती हैं।

उदाहरण: TCS, Infosys, Wipro, HCL Tech, Tech Mahindra

बाजार में गिरावट आने पर IT शेयर खरीदें — खासकर जब ये अपने 52-week low के करीब हों।


5. Banking और Finance सेक्टर के शेयर खरीदें

बैंकिंग सेक्टर पूरी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बड़े Private Banks गिरावट में बेहतरीन मौका देते हैं।

उदाहरण: HDFC Bank, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank, Axis Bank

ध्यान रखें — सिर्फ मजबूत Balance Sheet वाले बैंकों के शेयर खरीदें। छोटे या कमजोर बैंकों से दूर रहें।


6. Infrastructure और Capital Goods के शेयर खरीदें

सरकार हमेशा सड़क, रेल, बिजली और पानी पर पैसा लगाती है। इसलिए Infrastructure कंपनियाँ लंबे समय में बेहतरीन रिटर्न देती हैं।

उदाहरण: L&T (Larsen & Toubro), BHEL, Power Grid, NTPC

जब बाजार गिरे और ये शेयर सस्ते हो जाएं, तब इन्हें खरीदें और लंबे समय तक रखें।


किन शेयरों से गिरावट में दूर रहें?

हर शेयर गिरावट में खरीदने लायक नहीं होता। कुछ शेयर ऐसे होते हैं जो एक बार गिरें तो फिर कभी नहीं उठते।

इनसे बचें:

  • जिन कंपनियों पर बहुत ज्यादा कर्ज (Debt) हो
  • जिनके Promoters लगातार शेयर बेच रहे हों
  • जिनके तिमाही नतीजे लगातार खराब आ रहे हों
  • Penny Stocks (बहुत सस्ते शेयर)
  • नई और अनजान कंपनियाँ जिनका कोई Track Record न हो

गिरावट में शेयर खरीदने से पहले क्या जाँचें?

✅ कंपनी का Fundamental Analysis करें

किसी भी शेयर को खरीदने से पहले इन बातों को जाँचें —

क्या जाँचेंक्यों जरूरी है
PE Ratio (मूल्य-आय अनुपात)बताता है शेयर सस्ता है या महंगा
Debt to Equity Ratioकर्ज कितना है यह दिखाता है
ROE (Return on Equity)कंपनी पैसा कितना कुशलता से लगाती है
Revenue Growthपिछले सालों में कमाई बढ़ी या घटी
Promoter Holdingप्रमोटर का भरोसा कितना है

✅ 52-Week Low देखें

जो शेयर अपने 52 हफ्ते के सबसे कम भाव के करीब हों, उन्हें ध्यान से देखें। अगर कंपनी अच्छी है, तो यह बढ़िया मौका हो सकता है।

✅ Dividend History देखें

जो कंपनियाँ नियमित रूप से लाभांश (Dividend) देती हैं, वे आमतौर पर मजबूत होती हैं। ऐसे शेयर खरीदें जो गिरावट में भी स्थिर रहें।


गिरावट में शेयर खरीदने की सही रणनीति

🔹 SIP की तरह Staggered Buying करें

एक साथ सारा पैसा मत लगाओ। मान लीजिए आपके पास ₹50,000 हैं — तो उन्हें 4-5 हिस्सों में बाँटकर अलग-अलग समय पर शेयर खरीदें। इसे “Averaging Down” कहते हैं।

🔹 Portfolio में विविधता (Diversification) रखें

सारे पैसे एक ही शेयर या एक ही सेक्टर में मत लगाओ। कम से कम 5-6 अलग-अलग सेक्टर के शेयर खरीदें।

🔹 लंबी अवधि (Long Term) का नजरिया रखें

गिरावट में खरीदे शेयर 3-5 साल में बड़ा फायदा देते हैं। जल्दी मुनाफे की उम्मीद न रखें।

🔹 भावनाओं में बहकर फैसला न लें

जब बाजार गिरता है, तो न्यूज़ चैनल और सोशल मीडिया पर बहुत घबराहट फैलाई जाती है। इससे बचें। अपनी रिसर्च पर भरोसा रखें।


Index Fund और ETF — शुरुआती निवेशकों के लिए बेहतरीन विकल्प

अगर आप नए हैं और नहीं जानते कि कौन सा शेयर खरीदें, तो Index Fund या ETF (Exchange Traded Fund) में निवेश करें।

Nifty 50 ETF में निवेश करना मतलब — एक साथ देश की 50 सबसे बड़ी कंपनियों में पैसा लगाना।

जब पूरा बाजार गिरे, तो Nifty 50 ETF खरीदें। यह सबसे सुरक्षित और आसान तरीका है।


एक व्यावहारिक उदाहरण (Real-Life Example)

मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण शेयर बाजार बुरी तरह गिरा था। Nifty 50 लगभग 38% गिर गया था।

उस समय जिन लोगों ने TCS, Reliance, HDFC Bank जैसे शेयर खरीदे — उन्होंने अगले 18 महीनों में 80% से 150% तक का मुनाफा कमाया।

यही है गिरावट का असली मौका। डर नहीं, दिमाग से काम लो।


शुरुआती निवेशक के लिए Step-by-Step मार्गदर्शन

पहला कदम: Demat Account खोलें (Zerodha, Groww, Upstox जैसे Platform पर)

दूसरा कदम: कम से कम 3-4 अच्छी Blue Chip कंपनियाँ चुनें

तीसरा कदम: कंपनी का Fundamental Analysis करें

चौथा कदम: गिरावट में धीरे-धीरे शेयर खरीदें (एकसाथ नहीं)

पाँचवाँ कदम: कम से कम 3-5 साल के लिए रखें और घबराकर मत बेचें


सामान्य गलतियाँ जो निवेशक करते हैं

  • Panic Selling — डर के मारे सस्ते में बेच देना
  • FOMO — दूसरों को देखकर बिना सोचे शेयर खरीदना
  • Tips पर भरोसा — WhatsApp या YouTube Tips पर आँख मूँदकर भरोसा करना
  • एक ही शेयर में सब कुछ लगाना — पोर्टफोलियो विविध न रखना
  • Short Term सोच — हर हफ्ते मुनाफे की उम्मीद रखना

निष्कर्ष (Conclusion)

शेयर बाजार की गिरावट से डरने की जरूरत नहीं है — बस सही जानकारी और सही रणनीति चाहिए।

जब भी बाजार गिरे, Blue Chip, FMCG, Pharma, IT और Banking सेक्टर के मजबूत शेयर खरीदें। कंपनी का Fundamental Analysis जरूर करें। धीरे-धीरे और नियमित रूप से शेयर खरीदें और लंबे समय तक रखें।

याद रखें — बाजार की गिरावट एक खतरा नहीं, बल्कि एक अवसर है। जो इसे समझता है, वही असली निवेशक बनता है।

अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो Index Fund या Nifty ETF से शुरू करें। जैसे-जैसे अनुभव बढ़े, अलग-अलग कंपनियों के शेयर खरीदें और अपना पोर्टफोलियो मजबूत बनाएं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या गिरावट में शेयर खरीदना हमेशा सुरक्षित होता है? नहीं, हर शेयर गिरावट में खरीदने लायक नहीं होता। केवल मजबूत Fundamentals वाली कंपनियों के शेयर खरीदें।

प्रश्न 2: गिरावट में शेयर खरीदने के लिए कितना पैसा चाहिए? इसके लिए कोई न्यूनतम राशि नहीं है। ₹500 से भी शुरुआत हो सकती है। SIP के जरिए छोटे-छोटे निवेश करना बेहतर रहता है।

प्रश्न 3: गिरावट में Mutual Fund या Direct Stocks — क्या बेहतर है? शुरुआती निवेशकों के लिए Mutual Fund या Index ETF बेहतर है। अनुभवी निवेशक Direct Stocks में भी शेयर खरीदें।

प्रश्न 4: कितने समय तक शेयर रखना चाहिए? कम से कम 3-5 साल। गिरावट में खरीदे शेयर लंबे समय में ज्यादा मुनाफा देते हैं।

प्रश्न 5: क्या हर गिरावट में शेयर खरीदना सही है? नहीं। पहले जाँचें कि गिरावट अस्थायी है या कंपनी में कोई गंभीर समस्या है। अगर कंपनी मजबूत है तो गिरावट में जरूर शेयर खरीदें।


Written by — Shivlal Mandloi

यह लेख केवल शैक्षणिक (Informational) उद्देश्य के लिए लिखा गया है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

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