बैंक में धोखाधड़ी कैसे होती है? — जानें और बचें (2026)

Table of Contents

परिचय — एक ज़रूरी बात

आज के समय में बैंकिंग हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा बन चुकी है। पैसे जमा करना हो, निकालना हो, लोन लेना हो या किसी को पैसे भेजने हों — सब कुछ बैंक के ज़रिए होता है।

लेकिन जैसे-जैसे बैंकिंग सुविधाएँ बढ़ी हैं, वैसे-वैसे बैंक में धोखाधड़ी के मामले भी तेज़ी से बढ़े हैं। हर साल लाखों लोग बैंक धोखाधड़ी का शिकार होते हैं और अपनी मेहनत की कमाई गँवा बैठते हैं।

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि बैंक में धोखाधड़ी क्या होती है, यह कैसे होती है, और इससे कैसे बचा जाए — तो यह लेख आपके लिए ही लिखा गया है। यहाँ हर बात आसान हिंदी में, पूरी गहराई से समझाई गई है।


बैंक में धोखाधड़ी क्या है? (Bank Fraud Kya Hai?)

बैंक में धोखाधड़ी का मतलब होता है — किसी व्यक्ति, संस्था या गिरोह द्वारा झूठ, छल, या बेईमानी के तरीकों से बैंक या बैंक के ग्राहकों के पैसे या जानकारी चुराना।

सीधे शब्दों में कहें तो जब कोई इंसान धोखे से आपके बैंक खाते (Bank Account) से पैसे उड़ा ले या बैंक को नुकसान पहुँचाए — वही बैंक धोखाधड़ी कहलाती है।

भारतीय कानून में इसे Indian Penal Code (IPC) की धाराओं 420, 406, 468 और Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत एक गंभीर अपराध माना गया है।


बैंक में धोखाधड़ी के मुख्य प्रकार (Types of Bank Fraud)

बैंक धोखाधड़ी कई तरीकों से होती है। नीचे सबसे आम प्रकार दिए गए हैं:

1. फ़िशिंग (Phishing — मछली फँसाना)

इसमें जालसाज़ एक नकली ईमेल, एसएमएस या वेबसाइट बनाते हैं जो बिल्कुल असली बैंक जैसी दिखती है। जब आप उस पर अपनी जानकारी भरते हैं — आपका खाता खाली हो जाता है।

उदाहरण: आपके मोबाइल पर एक संदेश आता है — “आपका SBI खाता बंद होने वाला है, तुरंत यहाँ क्लिक करें।” आप क्लिक करते हैं और अपना ATM नंबर व पासवर्ड भर देते हैं — बस, बैंक में धोखाधड़ी हो गई।


2. एटीएम धोखाधड़ी (ATM Fraud)

इसमें जालसाज़ ATM मशीन पर एक नकली उपकरण (Card Skimmer) लगा देते हैं जो आपके कार्ड की जानकारी चुरा लेता है। कभी-कभी कैमरा भी लगाकर आपका PIN देख लिया जाता है।

  • कार्ड की जानकारी कॉपी करके नकली कार्ड बनाया जाता है
  • उस नकली कार्ड से पैसे निकाल लिए जाते हैं
  • यह बैंक में धोखाधड़ी का सबसे पुराना तरीका है

3. ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी (Online Banking Fraud)

जब कोई आपकी Internet Banking की जानकारी (User ID और Password) चुराकर आपके खाते से पैसे निकाल ले — यह ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी है।

यह अक्सर इन तरीकों से होती है:

  • नकली वेबसाइट के ज़रिए
  • मैलवेयर (Malware — हानिकारक सॉफ्टवेयर) से
  • सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग करने से

4. चेक धोखाधड़ी (Cheque Fraud)

इसमें असली चेक पर छेड़छाड़ (Tampering) की जाती है या पूरी तरह नकली चेक बनाया जाता है। राशि बदली जाती है, हस्ताक्षर नकल किए जाते हैं।

यह बैंक में धोखाधड़ी का एक पुराना लेकिन अभी भी सक्रिय तरीका है।


5. पहचान की चोरी (Identity Theft)

इसमें ठग आपके आधार कार्ड, पैन कार्ड, या अन्य दस्तावेज़ों का उपयोग करके आपके नाम से नया बैंक खाता खोल लेते हैं या लोन ले लेते हैं।

जब बैंक से वसूली का नोटिस आता है — तब आपको पता चलता है कि आपके नाम पर बैंक धोखाधड़ी हुई है।


6. लोन धोखाधड़ी (Loan Fraud)

कुछ लोग झूठे दस्तावेज़ देकर बैंक से लोन ले लेते हैं और फिर उसे वापस नहीं करते। बड़े उद्योगपति भी कभी-कभी इस तरह बैंकों को करोड़ों का चूना लगाते हैं।

वास्तविक उदाहरण: नीरव मोदी और विजय माल्या के मामले इसी श्रेणी में आते हैं।


7. UPI और मोबाइल वॉलेट धोखाधड़ी (UPI Fraud)

यह आजकल सबसे तेज़ी से बढ़ रही बैंक में धोखाधड़ी है।

  • ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर OTP माँगते हैं
  • UPI से पैसे माँगने का नकली लिंक भेजते हैं
  • “पैसे भेज रहे हैं” कहकर पैसे कटवा लेते हैं

8. साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud)

इसमें हैकर आपके कंप्यूटर या मोबाइल को हैक करके बैंकिंग जानकारी चुरा लेते हैं। यह बैंक धोखाधड़ी का सबसे तकनीकी रूप है।


बैंक धोखाधड़ी के मुख्य कारण (Causes of Bank Fraud)

कारणविवरण
जागरूकता की कमीलोगों को ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी नहीं होती
लालच“आपने लॉटरी जीती” जैसे झाँसे में आ जाना
कमज़ोर पासवर्डआसान और अनुमान लगाने योग्य पासवर्ड रखना
OTP साझा करनाअजनबियों को OTP बता देना
असुरक्षित नेटवर्कसार्वजनिक Wi-Fi पर बैंकिंग करना
नकली फोन कॉलबैंक अधिकारी बनकर जानकारी माँगना

बैंक में धोखाधड़ी के संकेत (Warning Signs)

अगर आपके साथ नीचे दी गई कोई भी बात हो रही है, तो सावधान हो जाइए — यह बैंक धोखाधड़ी की कोशिश हो सकती है:

  • कोई अनजान व्यक्ति आपसे ATM PIN, OTP या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड माँग रहा है
  • बैंक के नाम से अजीब ईमेल या संदेश आ रहे हैं
  • आपके खाते से बिना जानकारी के पैसे कट रहे हैं
  • कोई आपको “मुफ्त इनाम” या “केवल आज का ऑफर” का लालच दे रहा है
  • किसी ने आपसे दूर से आपका फोन नियंत्रित करने की अनुमति माँगी हो (Screen Sharing)
  • बैंक का नकली ग्राहक सेवा नंबर किसी ने दिया हो

बैंक में धोखाधड़ी से बचने के उपाय (How to Protect Yourself)

यह जानना बेहद ज़रूरी है कि बैंक धोखाधड़ी से कैसे सुरक्षित रहें। नीचे दिए उपाय अपनाएँ:

व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय:

  • कभी भी OTP, PIN या पासवर्ड किसी को न बताएँ — चाहे वो बैंक कर्मचारी ही क्यों न हो
  • अपना मोबाइल नंबर बैंक खाते से जोड़कर रखें ताकि हर लेनदेन का संदेश मिले
  • मज़बूत और अलग-अलग पासवर्ड रखें — जन्मतिथि या नाम का उपयोग न करें
  • समय-समय पर अपना बैंक पासवर्ड बदलते रहें
  • सार्वजनिक Wi-Fi पर बैंकिंग बिल्कुल न करें
  • ATM उपयोग के समय अपना PIN हाथ से ढककर टाइप करें

ऑनलाइन सुरक्षा उपाय:

  • केवल आधिकारिक बैंक वेबसाइट (जिसमें https:// हो) का उपयोग करें
  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें
  • अपने मोबाइल और कंप्यूटर में अच्छा एंटीवायरस (Antivirus) रखें
  • किसी भी अनजान ऐप को बैंकिंग अनुमति न दें
  • Screen Sharing ऐप किसी अनजान के कहने पर कभी न खोलें

बैंक खाते की नियमित जाँच:

  • हर महीने अपना बैंक विवरण (Statement) देखें
  • अनजान लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक को सूचित करें
  • Passbook नियमित रूप से अपडेट करवाएँ

बैंक में धोखाधड़ी होने पर क्या करें? (What to Do If You Are a Victim)

अगर आपके साथ बैंक धोखाधड़ी हो जाए तो घबराएँ नहीं। नीचे दिए गए कदम तुरंत उठाएँ:

पहला कदम — तुरंत बैंक को सूचित करें बैंक के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें और अपना खाता तुरंत ब्लॉक करवाएँ। हर मिनट कीमती है।

दूसरा कदम — नज़दीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करें धोखाधड़ी की लिखित शिकायत (FIR) दर्ज करवाएँ।

तीसरा कदम — साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट करें भारत सरकार की वेबसाइट cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

चौथा कदम — RBI का बैंकिंग लोकपाल से शिकायत करें अगर बैंक आपकी सहायता नहीं करता, तो RBI Banking Ombudsman से शिकायत करें।

पाँचवाँ कदम — सभी सबूत सुरक्षित रखें SMS, ईमेल, कॉल रिकॉर्डिंग — सब संभालकर रखें। ये आगे काम आएँगे।


भारत में बैंक धोखाधड़ी के कानून (Laws Against Bank Fraud in India)

बैंक में धोखाधड़ी करना भारत में एक गंभीर अपराध है। इससे जुड़े मुख्य कानून:

कानूनदंड
IPC धारा 420 (छल-कपट)7 साल तक की जेल और जुर्माना
IPC धारा 468 (जालसाज़ी)7 साल तक की जेल
IT Act 2000, धारा 663 साल तक की जेल और जुर्माना
PMLA Actसंपत्ति ज़ब्त और लंबी जेल
Banking Regulation Actबैंक से जुड़े विशेष दंड

बैंक धोखाधड़ी और आम आदमी — वास्तविक उदाहरण

उदाहरण 1: मध्यप्रदेश की एक महिला को फोन आया — “आपके खाते से संदिग्ध गतिविधि हो रही है, OTP बताइए।” महिला ने OTP बताया और खाते से ₹85,000 चले गए। यह क्लासिक बैंक धोखाधड़ी थी।

उदाहरण 2: एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को “आपने लॉटरी जीती है” का संदेश मिला। उन्होंने “टैक्स” के नाम पर ₹50,000 जमा करा दिए — और न लॉटरी मिली, न पैसे वापस आए।

उदाहरण 3: एक व्यापारी ने किसी अनजान की मदद से ATM से पैसे निकाले। उस व्यक्ति ने उनका कार्ड बदल दिया और बाद में उनके खाते से पैसे निकाल लिए — यह ATM पर होने वाली बैंक में धोखाधड़ी थी।


बुज़ुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी क्यों ज़रूरी है?

बुज़ुर्ग और महिलाएँ बैंक धोखाधड़ी के सबसे आसान शिकार बनते हैं क्योंकि:

  • उन्हें डिजिटल तकनीक की जानकारी कम होती है
  • वे अनजान लोगों पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं
  • “डर” दिखाकर (खाता बंद होगा) उन्हें आसानी से फँसाया जाता है

इसलिए अपने घर के बड़े-बुज़ुर्गों को ज़रूर बताएँ कि बैंक कभी भी फोन करके OTP या PIN नहीं माँगता।


बैंक में धोखाधड़ी और डिजिटल भुगतान (Digital Payment Safety)

UPI, Google Pay, PhonePe जैसे माध्यमों से बैंक धोखाधड़ी आजकल बहुत तेज़ी से बढ़ रही है।

ध्यान रखें:

  • UPI से पैसे भेजने के लिए PIN चाहिए — पैसे पाने के लिए नहीं
  • अगर कोई कहे “पैसे पाने के लिए PIN डालो” — यह धोखाधड़ी है
  • QR Code स्कैन करने से पैसे जाते हैं, आते नहीं
  • किसी अनजान का QR Code कभी न स्कैन करें

RBI की भूमिका — बैंक धोखाधड़ी रोकने में

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) बैंकिंग धोखाधड़ी रोकने के लिए:

  • सभी बैंकों को सुरक्षा दिशानिर्देश जारी करता है
  • बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) की सुविधा देता है
  • ग्राहकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाता है
  • बड़ी धोखाधड़ी की जाँच के लिए Serious Fraud Investigation Office (SFIO) से समन्वय करता है

निष्कर्ष (Conclusion)

बैंक में धोखाधड़ी आज के समय की एक बहुत बड़ी समस्या है, लेकिन अगर आप सतर्क रहें, तो इससे बचा जा सकता है।

याद रखें — बैंक कभी भी आपसे OTP, PIN, पासवर्ड या पूरा खाता नंबर फोन पर नहीं माँगता। जो भी ऐसा माँगे — वो ठग है।

अपनी जानकारी सुरक्षित रखें, डिजिटल सुरक्षा के नियमों का पालन करें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। जागरूक नागरिक ही बैंक धोखाधड़ी को रोक सकते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — FAQs

प्रश्न 1: बैंक में धोखाधड़ी होने पर पैसे वापस मिलते हैं क्या? उत्तर: अगर आपने तुरंत बैंक को सूचित किया और यह बैंक की तकनीकी कमज़ोरी से हुई है, तो पैसे वापस मिल सकते हैं। लेकिन अगर आपने खुद OTP या PIN बताया है, तो वापसी मुश्किल होती है।

प्रश्न 2: बैंक धोखाधड़ी की शिकायत कहाँ करें? उत्तर: अपने बैंक के टोल-फ्री नंबर पर, नज़दीकी पुलिस थाने में, cybercrime.gov.in पर और RBI के बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत करें।

प्रश्न 3: क्या OTP बताने से बैंक धोखाधड़ी हो सकती है? उत्तर: हाँ, बिल्कुल। OTP एक बार का पासवर्ड होता है। किसी को भी OTP बताने से आपके खाते तक पहुँच मिल जाती है।

प्रश्न 4: फ़िशिंग और बैंक धोखाधड़ी में क्या फ़र्क है? उत्तर: फ़िशिंग, बैंक धोखाधड़ी का एक तरीका है जिसमें नकली वेबसाइट या संदेश के ज़रिए जानकारी चुराई जाती है।

प्रश्न 5: क्या बैंक धोखाधड़ी में जेल होती है? उत्तर: हाँ। भारतीय कानून के अनुसार बैंक धोखाधड़ी करने पर 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।

प्रश्न 6: UPI से धोखाधड़ी कैसे होती है? उत्तर: ठग “पैसे पाने के लिए PIN डालो” जैसा झाँसा देते हैं। दरअसल PIN डालने से पैसे जाते हैं। यह एक बड़ी बैंक धोखाधड़ी है।

प्रश्न 7: क्या ATM से भी धोखाधड़ी संभव है? उत्तर: हाँ। Card Skimmer लगाकर, नकली ATM बनाकर या पीछे से PIN देखकर बैंक में धोखाधड़ी की जाती है।

प्रश्न 8: पहचान की चोरी से बचने के लिए क्या करें? उत्तर: अपने आधार, पैन और बैंक दस्तावेज़ किसी अनजान के साथ साझा न करें। समय-समय पर CIBIL Score चेक करते रहें।

प्रश्न 9: क्या बैंक का कर्मचारी भी धोखाधड़ी कर सकता है? उत्तर: दुर्भाग्य से हाँ। कभी-कभी अंदरूनी कर्मचारी भी ग्राहकों की जानकारी चुराकर बैंक धोखाधड़ी करते हैं। इसलिए अपना PIN या पासवर्ड बैंक में भी किसी को न बताएँ।

प्रश्न 10: बैंक धोखाधड़ी की रिपोर्ट के लिए Helpline Number क्या है? उत्तर: साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 है। इस पर कॉल करके तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


Written by: Shivlal Mandloi | Finance Blogger & Banking Awareness Expert यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।


Leave a Comment