परिचय
पिछले कुछ समय से भारतीय बाजार में चांदी की कीमत में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। जहां सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चल रहा है, वहीं चांदी के दाम में आई इस गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
क्या यह गिरावट अस्थायी है या लंबे समय तक जारी रहेगी? क्या अभी चांदी खरीदना फायदेमंद है? और इस गिरावट के पीछे असली वजहें क्या हैं?
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि चांदी की कीमत में यह गिरावट क्यों आई है, इसके क्या कारण हैं, निवेशकों पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है, और आगे क्या रणनीति अपनानी चाहिए।
चांदी क्या है और इसका महत्व
चांदी एक कीमती धातु है जिसका उपयोग सदियों से गहने बनाने, निवेश करने और औद्योगिक कामों में किया जाता रहा है। भारत में चांदी को सोने के बाद दूसरी सबसे पसंदीदा धातु माना जाता है।
चांदी के उपयोग
- आभूषण निर्माण: शादी-ब्याह और त्योहारों पर चांदी के गहने बहुत लोकप्रिय हैं
- निवेश का साधन: बहुत से लोग चांदी में पैसा लगाकर भविष्य के लिए बचत करते हैं
- औद्योगिक उपयोग: इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मेडिकल उपकरणों में चांदी का इस्तेमाल होता है
- धार्मिक महत्व: पूजा-पाठ और धार्मिक समारोहों में चांदी के बर्तनों का उपयोग
चांदी की कीमत में गिरावट: वर्तमान स्थिति
फरवरी 2026 में चांदी की कीमत में लगातार कमी देखी जा रही है। जहां जनवरी के अंत में चांदी का भाव 95,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास था, वहीं अब यह घटकर लगभग 88,000 से 90,000 रुपये के बीच आ गया है।
यह गिरावट लगभग 5 से 7 प्रतिशत के बीच है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
प्रमुख शहरों में चांदी की कीमत
| शहर | पिछले महीने (प्रति किलो) | वर्तमान (प्रति किलो) | गिरावट |
|---|---|---|---|
| मुंबई | ₹94,800 | ₹88,500 | ₹6,300 |
| दिल्ली | ₹95,200 | ₹89,000 | ₹6,200 |
| कोलकाता | ₹94,500 | ₹88,200 | ₹6,300 |
| चेन्नई | ₹94,900 | ₹88,800 | ₹6,100 |
| बेंगलुरु | ₹95,000 | ₹88,600 | ₹6,400 |
चांदी की कीमत में गिरावट के प्रमुख कारण
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी
वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमत में गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। अमेरिका और यूरोप में आर्थिक स्थिति, व्यापार नीतियां और मांग-आपूर्ति का संतुलन चांदी के दामों को प्रभावित करता है।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की मांग में कमी आई है, जिससे कीमतें नीचे आ गई हैं।
2. डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर जब मजबूत होता है, तो कीमती धातुओं की कीमतें आमतौर पर गिरती हैं। हाल के हफ्तों में डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है, जिसका सीधा असर चांदी की कीमत पर पड़ा है।
जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य देशों के लिए चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है।
3. औद्योगिक मांग में कमी
चांदी का लगभग 50 प्रतिशत उपयोग औद्योगिक कामों में होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य तकनीकी उपकरणों में चांदी की जरूरत होती है।
जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आती है या औद्योगिक उत्पादन घटता है, तो चांदी की कीमत भी नीचे आ जाती है।
4. निवेशकों का रुझान बदलना
कई निवेशक अपना पैसा चांदी से निकालकर शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी या अन्य विकल्पों में लगा रहे हैं। यह बदलाव भी चांदी की कीमत को प्रभावित कर रहा है।
जब निवेशक चांदी बेचते हैं, तो बाजार में आपूर्ति बढ़ जाती है और कीमतें गिर जाती हैं।
5. ब्याज दरों में बढ़ोतरी
जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो लोग बैंक में पैसा जमा करना ज्यादा फायदेमंद समझते हैं। ऐसे में चांदी जैसी धातुओं में निवेश कम हो जाता है।
ऊंची ब्याज दरें चांदी की कीमत के लिए नकारात्मक संकेत मानी जाती हैं।
6. भारतीय रुपये की स्थिति
जब भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है। लेकिन जब रुपया स्थिर या मजबूत होता है, तो चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिल सकती है।
चांदी की कीमत में गिरावट का निवेशकों पर प्रभाव
मौजूदा निवेशकों को नुकसान
जिन लोगों ने पिछले महीनों में ऊंची कीमत पर चांदी खरीदी थी, उन्हें इस गिरावट से नुकसान हो रहा है। अगर वे अभी बेचते हैं तो घाटा होगा।
नए खरीदारों के लिए अवसर
दूसरी ओर, जो लोग चांदी खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा समय हो सकता है। कम कीमत पर खरीदकर भविष्य में लाभ कमाया जा सकता है।
ज्वैलरी व्यापारियों पर असर
सुनार और ज्वैलरी व्यापारियों के लिए यह स्थिति मिली-जुली है। कम कीमत पर वे सस्ता माल खरीद सकते हैं, लेकिन पुराने स्टॉक पर नुकसान हो सकता है।
चांदी में निवेश: फायदे और नुकसान
फायदे
मुद्रास्फीति से बचाव चांदी मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। जब महंगाई बढ़ती है, तो कीमती धातुओं का मूल्य भी बढ़ता है।
तरलता चांदी को कभी भी बेचा जा सकता है। यह एक liquid asset है, जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से नकद में बदला जा सकता है।
विविधता निवेश पोर्टफोलियो में चांदी शामिल करने से जोखिम कम होता है। यह शेयर बाजार से अलग तरह से काम करती है।
औद्योगिक मांग चांदी की औद्योगिक मांग इसे एक मजबूत निवेश विकल्प बनाती है। तकनीकी विकास के साथ इसकी मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
नुकसान
अस्थिरता चांदी की कीमत में बहुत उतार-चढ़ाव होता है। यह सोने से भी ज्यादा volatile है।
भंडारण की समस्या भौतिक चांदी को सुरक्षित रखना एक चुनौती है। लॉकर किराया या बीमा का खर्च अलग से आता है।
कोई नियमित आय नहीं चांदी में निवेश से कोई ब्याज या लाभांश नहीं मिलता। केवल कीमत बढ़ने पर ही लाभ होता है।
टैक्स संबंधी मुद्दे चांदी की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है, जो लाभ को कम कर देता है।
अभी चांदी खरीदना सही है या गलत?
यह सवाल हर निवेशक के मन में है। इसका जवाब आपके निवेश लक्ष्य और समय सीमा पर निर्भर करता है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए
अगर आप 3 से 5 साल या उससे अधिक समय के लिए निवेश कर रहे हैं, तो वर्तमान गिरावट एक अच्छा मौका हो सकती है। ऐतिहासिक रूप से, चांदी की कीमत लंबी अवधि में बढ़ी है।
छोटी अवधि के व्यापारियों के लिए
अगर आप जल्दी मुनाफा चाहते हैं, तो इंतजार करना बेहतर हो सकता है। बाजार में और गिरावट आ सकती है, और नीचे के स्तर पर खरीदना ज्यादा लाभदायक होगा।
विविधीकरण के लिए
अगर आपके पास पहले से चांदी नहीं है, तो अपने पोर्टफोलियो में थोड़ी चांदी जोड़ना समझदारी हो सकती है। लेकिन अपनी पूरी पूंजी एक ही जगह न लगाएं।
चांदी खरीदने के विभिन्न तरीके
1. फिजिकल चांदी (भौतिक चांदी)
सिक्के और बार बैंकों, ज्वैलरी की दुकानों या अधिकृत डीलरों से चांदी के सिक्के और बार खरीदे जा सकते हैं। यह सबसे पारंपरिक तरीका है।
ज्वैलरी (आभूषण) चांदी के गहने खरीदना भी एक विकल्प है, लेकिन इसमें मेकिंग चार्ज अलग से लगता है, जो रिटर्न को कम कर देता है।
2. डिजिटल चांदी
सिल्वर ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) शेयर बाजार में चांदी के ETF में निवेश किया जा सकता है। यह फिजिकल चांदी की तरह काम करता है, लेकिन भंडारण की समस्या नहीं होती।
सिल्वर फ्यूचर्स और ऑप्शंस अनुभवी निवेशक कमोडिटी मार्केट में चांदी के फ्यूचर्स में ट्रेड कर सकते हैं। यह जोखिम भरा होता है और विशेषज्ञता की मांग करता है।
3. सिल्वर म्यूचुअल फंड
कुछ म्यूचुअल फंड चांदी और अन्य कीमती धातुओं में निवेश करते हैं। यह एक अप्रत्यक्ष तरीका है।
4. सॉवरेन सिल्वर बॉन्ड (यदि उपलब्ध हो)
सरकार कभी-कभी सिल्वर बॉन्ड जारी करती है, जो सुरक्षित और सुविधाजनक होते हैं। हालांकि ये सोने के बॉन्ड जितने प्रचलित नहीं हैं।
चांदी में निवेश करते समय ध्यान देने योग्य बातें
शुद्धता की जांच
हमेशा 99.9% शुद्धता वाली चांदी ही खरीदें। BIS हॉलमार्क या प्रमाणपत्र की जांच जरूर करें।
प्रामाणिक विक्रेता से खरीदें
केवल विश्वसनीय और अधिकृत डीलरों से ही चांदी खरीदें। सस्ते ऑफर में न फंसें।
वर्तमान बाजार भाव की जानकारी
खरीदने से पहले दिन का लेटेस्ट चांदी की कीमत जरूर चेक करें। MCX (Multi Commodity Exchange) की वेबसाइट पर यह जानकारी मिल सकती है।
मेकिंग चार्ज पर ध्यान दें
गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज कम से कम होना चाहिए। कभी-कभी यह 20-30% तक हो सकता है।
निवेश लक्ष्य स्पष्ट रखें
यह तय करें कि आप चांदी क्यों खरीद रहे हैं – निवेश के लिए, इस्तेमाल के लिए, या उपहार के लिए। इससे सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
भविष्य में चांदी की कीमत का अनुमान
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमत अगले 6 महीनों में विभिन्न कारकों पर निर्भर करेगी:
सकारात्मक संकेत
- औद्योगिक मांग में वृद्धि की संभावना
- सोलर एनर्जी सेक्टर का विस्तार
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में चांदी का बढ़ता उपयोग
- केंद्रीय बैंकों द्वारा नीतिगत सहायता
नकारात्मक संकेत
- मजबूत डॉलर का दबाव
- ब्याज दरों में बढ़ोतरी
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- निवेशकों का अन्य विकल्पों की ओर रुझान
चांदी और सोने में तुलना
| विशेषता | चांदी | सोना |
|---|---|---|
| कीमत | कम | अधिक |
| अस्थिरता | ज्यादा | कम |
| औद्योगिक उपयोग | 50% | 10% |
| निवेश सुरक्षा | मध्यम | उच्च |
| तरलता | अच्छी | बहुत अच्छी |
| भंडारण | मुश्किल (ज्यादा जगह) | आसान |
सोने की तुलना में चांदी की कीमत कम होती है, इसलिए छोटे निवेशकों के लिए यह ज्यादा सुलभ है।
विशेषज्ञों की राय और सुझाव
राकेश झुनझुनवाला (प्रसिद्ध निवेशक, उनकी विचारधारा)
विविधीकरण हमेशा महत्वपूर्ण है। चांदी में कुछ हिस्सा रखना पोर्टफोलियो को संतुलित करता है।
कमोडिटी विशेषज्ञ
वर्तमान गिरावट अस्थायी लग रही है। जो लंबी अवधि के लिए सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय अच्छा हो सकता है।
बैंकिंग सलाहकार
अपनी कुल संपत्ति का 5-10% से अधिक कीमती धातुओं में न लगाएं। हमेशा जोखिम प्रबंधन को ध्यान में रखें।
चांदी खरीदने और बेचने की रणनीति
SIP (व्यवस्थित निवेश योजना) तरीका
हर महीने एक निश्चित राशि की चांदी खरीदें। इससे कीमतों का औसत निकल जाता है और जोखिम कम होता है।
डिप-बाइंग (गिरावट पर खरीदना)
जब चांदी की कीमत में तेज गिरावट आए, तब खरीदें। लेकिन यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है।
टारगेट-बेस्ड बिक्री
पहले से तय कर लें कि किस कीमत पर आप बेचेंगे। भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।
स्टॉप-लॉस लगाना
अगर कीमत एक निश्चित स्तर से नीचे गिरे, तो नुकसान को सीमित करने के लिए बेच दें।
सरकारी नीतियों का प्रभाव
भारत सरकार की आयात नीतियां, कस्टम ड्यूटी और GST चांदी की कीमत को सीधे प्रभावित करते हैं।
आयात शुल्क
जब सरकार चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाती है, तो घरेलू कीमतें बढ़ जाती हैं।
GST दरें
चांदी पर 3% GST लगता है, जो कीमत में जुड़ जाता है।
नीतिगत सुधार
सरकार समय-समय पर कीमती धातुओं से संबंधित नीतियों में बदलाव करती है, जो बाजार को प्रभावित करते हैं।
चांदी के बारे में आम गलतफहमियां
गलतफहमी 1: चांदी हमेशा सोने की तरह बढ़ती है
सच्चाई: चांदी सोने से ज्यादा अस्थिर है और इसकी कीमत कई बार गिर भी जाती है।
गलतफहमी 2: चांदी का गहना अच्छा निवेश है
सच्चाई: मेकिंग चार्ज के कारण गहने में निवेश कम लाभदायक होता है। बार या सिक्के बेहतर हैं।
गलतफहमी 3: फिजिकल चांदी ही सही है
सच्चाई: ETF और डिजिटल चांदी भी अच्छे विकल्प हैं, खासकर सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से।
गलतफहमी 4: चांदी से जल्दी अमीर बन सकते हैं
सच्चाई: चांदी एक लंबी अवधि का निवेश है। जल्दी पैसा बनाने की उम्मीद से निराशा हो सकती है।
निष्कर्ष
चांदी की कीमत में वर्तमान गिरावट कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का नतीजा है। यह स्थिति अस्थायी हो सकती है, लेकिन आगे क्या होगा, यह कई चीजों पर निर्भर करता है।
निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आपका निवेश लंबी अवधि के लिए है, तो धैर्य रखें। यह गिरावट नए निवेशकों के लिए एक अवसर भी हो सकती है।
हमेशा याद रखें:
- विविधीकरण करें
- अपना रिसर्च करें
- भावनाओं में न आएं
- विशेषज्ञों की सलाह लें
- केवल उतना ही निवेश करें जितना नुकसान उठा सकें
चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव तो आते रहेंगे, लेकिन समझदारी से लिया गया निर्णय हमेशा लाभदायक रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. वर्तमान में चांदी की कीमत कितनी है?
फरवरी 2026 में चांदी की कीमत लगभग 88,000 से 90,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है। यह शहर और विक्रेता के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य महानगरों में कीमतें थोड़ी भिन्न होती हैं।
2. क्या चांदी की कीमत और गिरेगी?
यह कहना मुश्किल है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में चांदी की कीमत स्थिर रह सकती है या थोड़ी और गिर सकती है। लेकिन लंबी अवधि में इसमें तेजी आने की संभावना है। वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
3. चांदी खरीदने का सबसे अच्छा समय कब है?
आमतौर पर जब चांदी की कीमत में गिरावट होती है, तब खरीदना फायदेमंद होता है। त्योहारों के बाद और शादी के सीजन के अलावा अक्सर कीमतें कम होती हैं। लेकिन बाजार की स्थिति हमेशा बदलती रहती है, इसलिए नियमित रूप से SIP तरीके से खरीदना बेहतर है।
4. चांदी में निवेश करना सोने से बेहतर है या नहीं?
दोनों के अपने फायदे हैं। सोना ज्यादा स्थिर और सुरक्षित निवेश है, जबकि चांदी में ज्यादा रिटर्न की संभावना होती है लेकिन जोखिम भी अधिक है। आपके निवेश लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार निर्णय लें। दोनों में विविधीकरण करना सबसे अच्छा है।
5. डिजिटल चांदी और फिजिकल चांदी में क्या अंतर है?
फिजिकल चांदी वह है जो आप हाथ में पकड़ सकते हैं – सिक्के, बार, गहने। डिजिटल चांदी का मतलब है ETF, म्यूचुअल फंड या डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म पर चांदी खरीदना। डिजिटल में भंडारण की समस्या नहीं होती और खरीद-बिक्री आसान है। फिजिकल में आपका सीधा नियंत्रण होता है।
6. चांदी के ETF में कैसे निवेश करें?
आपको एक डीमैट अकाउंट चाहिए होगा। फिर किसी ब्रोकर के माध्यम से शेयर बाजार में चांदी के ETF (जैसे ICICI Prudential Silver ETF) खरीद सकते हैं। यह शेयर खरीदने जितना ही आसान है। कमीशन और अन्य शुल्क के बारे में पहले जानकारी ले लें।
7. चांदी पर कितना टैक्स लगता है?
चांदी की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है। अगर आप 3 साल के अंदर बेचते हैं तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के रूप में आपकी इनकम स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। 3 साल बाद बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 20% टैक्स (इंडेक्सेशन के साथ) लगता है।
8. क्या चांदी में निवेश सुरक्षित है?
चांदी एक ठोस संपत्ति है, इसलिए शेयर बाजार से ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव होता है, इसलिए कुछ जोखिम तो है ही। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अपेक्षाकृत सुरक्षित है। अपने पूरे पोर्टफोलियो का छोटा हिस्सा ही चांदी में लगाएं।
9. चांदी की शुद्धता कैसे पहचानें?
999 या 99.9% शुद्धता वाली चांदी सबसे अच्छी होती है। BIS (Bureau of Indian Standards) का हॉलमार्क देखें। प्रमाणपत्र की मांग करें। विश्वसनीय ज्वैलर से ही खरीदें। शुद्धता जांचने के लिए एसिड टेस्ट या मैग्नेट टेस्ट भी किया जा सकता है, लेकिन यह विशेषज्ञों द्वारा ही करवाएं।
10. क्या ऑनलाइन चांदी खरीदना सुरक्षित है?
हां, लेकिन केवल प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म से ही खरीदें। MMTC-PAMP, Augmont, SafeGold जैसी कंपनियां विश्वसनीय हैं। हमेशा प्रमाणपत्र और बिल मांगें। डिलीवरी चार्ज और शुद्धता की जांच जरूर करें। रिव्यू और रेटिंग देखकर ही ऑर्डर करें। पेमेंट सुरक्षित तरीके से करें।
Written by Shivlal Mandloi
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
